मन को जीतो, जीवन को जीतो – हज़ूर स्वामी जी महाराज की दिव्य वाणी
सोए हुए मन को जगाने का मार्ग: हज़ूर स्वामी जी महाराज की अमूल्य शिक्षा मनुष्य का जीवन बाहर से देखने में जितना सरल दिखाई देता है, भीतर से उतना ही जटिल है। हर व्यक्ति सुख चाहता है, शांति चाहता है, प्रेम चाहता है और अंततः उस परम सत्ता तक पहुँचना चाहता है जिसने उसे इस संसार में भेजा है। लेकिन फिर भी अधिकांश लोग बेचैन, दुखी और असंतुष्ट दिखाई देते हैं। इसका कारण क्या है? हज़ूर स्वामी जी महाराज अपनी वाणी में बताते हैं कि परमात्मा हमसे दूर नहीं है। वह हमारे ही भीतर विद्यमान है। फिर भी हम उसे अनुभव नहीं कर पाते, क्योंकि हमारे और परमात्मा के बीच एक बहुत बड़ा पर्दा खड़ा है — मन का पर्दा। मन: हमारा सबसे बड़ा मित्र या सबसे बड़ा शत्रु दुनिया में अनेक वीर योद्धा हुए हैं। किसी ने अपने देश के लिए युद्ध लड़ा, किसी ने धर्म की रक्षा के लिए प्राण दिए। लेकिन संतों की दृष्टि में सबसे बड़ा योद्धा वह है जिसने अपने मन को जीत लिया। मन बाहर का दुश्मन नहीं है जिसे तलवार या बंदूक से हराया जा सके। यह तो हमारे भीतर बैठा हुआ ऐसा शत्रु है जो कभी मित्र बनकर धोखा देता है और कभी भय दिखाकर गलत रास्ते पर ले जाता है। कभ...