क्या केवल ध्यान से भगवान की प्राप्ति संभव है?
क्या केवल ध्यान करने से भगवान की प्राप्ति हो सकती है? — एक गहन प्रश्नोत्तर मानव जीवन का सबसे बड़ा प्रश्न हमेशा से यही रहा है—“मैं कौन हूँ, कहाँ से आया हूँ और मृत्यु के बाद कहाँ जाऊँगा?” संसार में करोड़ों लोग धन, पद, प्रतिष्ठा और सुख-सुविधाओं की तलाश में अपना जीवन बिता देते हैं, लेकिन अंततः उनके मन में एक खालीपन रह जाता है। यही खालीपन उन्हें आध्यात्मिकता की ओर ले जाता है। जब कोई व्यक्ति आध्यात्मिक मार्ग पर कदम रखता है, तो उसके मन में एक प्रश्न अवश्य उठता है— क्या केवल ध्यान (Meditation) करने से भगवान की प्राप्ति हो सकती है? इस प्रश्न का उत्तर समझने के लिए हमें पहले यह समझना होगा कि ध्यान वास्तव में क्या है और संत-महापुरुष इसे इतना महत्व क्यों देते हैं। प्रश्न: ध्यान क्या है? ध्यान केवल आंखें बंद करके बैठ जाना नहीं है। ध्यान का वास्तविक अर्थ है अपने बिखरे हुए मन को एक स्थान पर एकत्र करना और उसे भीतर की ओर मोड़ना। हमारा मन दिनभर हजारों विचारों में उलझा रहता है। कभी भविष्य की चिंता, कभी अतीत का पछतावा, कभी धन की इच्छा, कभी सम्मान की लालसा। इस कारण मन कभी शांत नहीं रह पाता। ध्यान हमें...