⚠️ आपका पैसा आपको पुण्य भी दिला सकता है... और पाप भी!
# धन के उपयोग में सावधानी ## भाग – 1 **राधा स्वामी जी** मनुष्य अपने जीवन में धन कमाने के लिए दिन-रात परिश्रम करता है। वह चाहता है कि उसके परिवार को किसी प्रकार का अभाव न रहे, बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो और जीवन सुखपूर्वक व्यतीत हो। धन कमाना कोई बुरी बात नहीं है। वास्तव में ईमानदारी से कमाया गया धन परमात्मा का एक सुंदर आशीर्वाद है। लेकिन बाबा जी समझाते हैं कि धन की महानता केवल उसे कमाने में नहीं, बल्कि उसके सही उपयोग में छिपी होती है। आज संसार में बहुत लोग धनवान हैं, लेकिन हर धनवान व्यक्ति वास्तव में समृद्ध नहीं होता। समृद्ध वही है जिसके धन से किसी का भला होता है, किसी की आँखों के आँसू पोंछे जाते हैं, किसी भूखे को भोजन मिलता है और किसी निराश व्यक्ति को आशा मिलती है। संतों ने हमेशा कहा है कि धन मनुष्य का मालिक नहीं, बल्कि सेवक होना चाहिए। जिस दिन धन हमारा मालिक बन जाता है, उसी दिन मनुष्य का विवेक कमजोर होने लगता है। वह सही और गलत का अंतर भूलने लगता है। फिर धन केवल संग्रह का साधन बन जाता है, सेवा का नहीं। बाबा जी बताते हैं कि इस संसार में जो कुछ भी हमें मिला है, वह सब परमात्म...